ओट (ओटफल) के आयुर्वेदिक लाभ, उपयोग और औषधीय गुण
ओट (ओटफल) क्या है?
ओट, जिसे विभिन्न क्षेत्रों में ओटफल, चालत, दंपेल और जरंबी आदि नामों से जाना जाता है, एक महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक फल है। इसका वृक्ष बड़ा, सीधा तथा घनी शाखाओं वाला होता है। इसके पत्ते लंबे, चमकदार और नुकीले होते हैं, जबकि इसके सुगंधित सफेद-पीले फूल वर्षा ऋतु में खिलते हैं। इसका फल नाशपाती के समान आकार का, चिकना और पकने पर गहरे पीले रंग का हो जाता है।
आयुर्वेद में ओट फल को पाचन शक्ति बढ़ाने, त्रिदोष संतुलित करने और शरीर को ऊर्जा प्रदान करने वाला माना गया है।
ओट का वानस्पतिक परिचय
- हिन्दी नाम: ओट, दंपेल
- संस्कृत नाम: लामफल, वक्त्रशोधन, भव्य, भव्यफल
- मराठी नाम: जरंबी, ओटीचे फल
- बंगाली नाम: चालत
- गुजराती नाम: ओटफल
- तेलगू नाम: सीता कमरखु
- तमिल नाम: पचलई, तमालू
ओट के आयुर्वेदिक गुण
आयुर्वेद के अनुसार:
कच्चे फल के गुण
- खट्टा एवं चरपरा स्वाद
- गरम प्रकृति
- वात एवं कफ दोष का शमन
पके फल के गुण
- मधुर एवं हल्का खट्टा
- रुचिवर्धक
- शूल (दर्द) नाशक
- थकान दूर करने वाला
- त्रिदोष संतुलित करने वाला
- हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
ओट फल के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ
1. ज्वर में शरीर की जलन कम करे
ओट के फल के रस में मिश्री और जल मिलाकर सेवन करने से बुखार के दौरान होने वाली शरीर की जलन एवं दाह में राहत मिलती है।
2. खांसी में लाभदायक
इसके ताजे रस में शहद मिलाकर पीने से खांसी में आराम मिलता है तथा गले को राहत मिलती है।
3. पाचन शक्ति बढ़ाए
ओट का शर्बत भूख बढ़ाने, पाचन सुधारने और भोजन में रुचि उत्पन्न करने में सहायक माना जाता है।
4. पित्त दोष को शांत करे
ओट के सूखे फल से तैयार शर्बत में सेंधा नमक, सोंठ, काली मिर्च, जीरा और शक्कर मिलाकर सेवन करने से पित्त संबंधी विकारों में लाभ मिलता है।
5. हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी
आयुर्वेद में इसे हृदय को बल प्रदान करने वाला और हृदय संबंधी समस्याओं में सहायक माना गया है।
6. प्रसूता महिलाओं के लिए लाभकारी
प्रसूति के बाद महिलाओं के लिए ओट फल का रस पौष्टिक एवं पथ्य माना गया है, जो शरीर को शक्ति प्रदान करता है।
7. अतिसार (दस्त) में लाभ
इसके पत्तों का काढ़ा (क्वाथ) बनाकर सेवन करने से अतिसार में लाभ प्राप्त होता है।
8. रक्तवर्धक गुण
ओट फल से तैयार अमसूल रक्त को बढ़ाने में सहायक मानी जाती है, जबकि सामान्य अमसूलें मुख्यतः रक्तशोधक होती हैं।
ओट फल का शर्बत बनाने की विधि
सामग्री
- ओट फल का रस
- शक्कर
- भुना जीरा
- काली मिर्च
विधि
सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर शीतल पेय तैयार करें। यह शर्बत पित्तशामक, रुचिवर्धक तथा पाचन को बेहतर बनाने वाला माना जाता है।
सावधानियां
- किसी भी औषधीय उपयोग से पहले योग्य आयुर्वेदाचार्य की सलाह अवश्य लें।
- गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रोगियों को चिकित्सकीय परामर्श के बाद ही सेवन करना चाहिए।
- अत्यधिक मात्रा में सेवन से बचें।
निष्कर्ष
ओट (ओटफल) एक बहुउपयोगी आयुर्वेदिक फल है जो पाचन सुधारने, खांसी में राहत देने, पित्त दोष को शांत करने, हृदय को बल प्रदान करने और शरीर की थकान दूर करने में सहायक माना जाता है। इसके फल, रस और पत्तों का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में लंबे समय से किया जाता रहा है।


