आम्रगंधक (Amragandhak) के औषधीय गुण | अतिसार, ज्वर, कृमि व हाथीपांव में लाभ | Ayurvedic Uses

Sachinta maharaj

 आम्रगंधक (Amragandhak) | Ayurvedic Medicinal Plant

हिन्दी नाम: कुत्र
संस्कृत नाम: अम्बुज, आम्रगंधक
बंगाली: कर्पूर
मलयालम: मंगानरी
मराठी: अम्बुली
तेलुगु: इनाटा


📍 प्राप्तिस्थान एवं पहचान (Habitat & Identification)

आम्रगंधक एक छोटी जाति का औषधीय पौधा है, जिसमें तारपीन के समान तीव्र गंध पाई जाती है। यह पौधा प्रारम्भ से ही बहुशाखीय होता है और इसकी जड़ें नीचे की ओर अधिक फैलती हैं


यह औषधीय पौधा मुख्य रूप से:

  • भारतवर्ष के शीत प्रान्तों में
  • बलूचिस्तान, सीलोन (Sri Lanka) तथा चीन में पाया जाता है।

इसकी तेज गंध के कारण इसे आसानी से पहचाना जा सकता है।


🌱 आयुर्वेदिक गुण (Ayurvedic Properties)

आयुर्वेद के अनुसार आम्रगंधक में निम्नलिखित प्रमुख औषधीय गुण पाए जाते हैं:

  • 🔹 सड़ान रोकने वाला (Antiseptic)
  • 🔹 कृमिनाशक (Anti-helminthic)
  • 🔹 ज्वरनाशक (Anti-pyretic)
  • 🔹 सूजन एवं संक्रमण में उपयोगी

🩺 आम्रगंधक से लाभ एवं उपयोग (Health Benefits & Uses)

1️⃣ सांघातिक ज्वर (Severe Fever)

सांघातिक ज्वरों में आम्रगंधक के रस से शरीर की मालिश करने पर लाभ मिलता है। यह शरीर की गर्मी को कम करने में सहायक माना जाता है।

2️⃣ अतिसार एवं प्रवाहिका (Diarrhea & Dysentery)

आम्रगंधक को सोंठ और जीरा के साथ सेवन करने से:

  • अतिसार
  • प्रवाहिका (Dysentery)

में विशेष लाभ बताया गया है।

3️⃣ कृमि रोग (Worm Infestation)

यह औषधि कृमिनाशक मानी जाती है, जिससे पेट के कीड़े नष्ट करने में सहायता मिलती है।

4️⃣ हाथीपांव / श्लीपद (Elephantiasis)

आम्रगंधक के पौधे का नारियल तेल के साथ मलहम बनाकर प्रभावित स्थान पर लगाने से हाथीपांव (श्लीपद) में लाभ देखा गया है।


🌍 Diseases Where Amragandhak Is Used 

Amragandhak is traditionally used in Ayurveda for the management of:

  • Severe and chronic fevers
  • Diarrhea and dysentery
  • Worm infestations
  • Inflammatory conditions
  • Elephantiasis (as external application)

Its strong aromatic and antiseptic nature makes it valuable in traditional herbal formulations.


⚠️ Disclaimer (महत्वपूर्ण सूचना)

यह लेख केवल सामान्य जानकारी एवं शैक्षणिक उद्देश्य के लिए लिखा गया है। किसी भी प्रकार की औषधि या घरेलू उपचार को अपनाने से पहले योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। स्वयं उपचार करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। लेखक या प्रकाशक किसी भी दुष्प्रभाव के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।


✨ निष्कर्ष (Conclusion)

आम्रगंधक एक महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग प्राचीन काल से विभिन्न रोगों में किया जाता रहा है। उचित मार्गदर्शन में इसका प्रयोग स्वास्थ्य के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है।

🔔 ऐसी ही आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की जानकारी के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो करें।

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